वाणी रसवती यस्य यस्य श्रमवती क्रिया । लक्ष्मीर्दानवती यस्य सफलं तस्य जीवितम् ॥ भावार्थ- जिसकी वाणी रसपूर्ण हो, कर्म-क्रिया श्रमवान हो, और लक्ष्मी दानवती हो उसका जीवन नि...
✍एक चाट वाला था। जब भी चाट खाने जाओ ऐसा लगता कि वह हमारा ही रास्ता देख रहा हो। हर विषय पर बात करने में उसे बड़ा मज़ा आता। कई बार उसे कहा कि भाई देर हो जाती है जल्दी चाट लगा दिया क...
तप्त ह्दय सरस स्नेह से जो सहला दे मित्र वही है रूखे मन को सरोबार कर जो नहला दे मित्र वही है प्रिय वियोग संतप्त चित्त को जो बहला दे मित्र वही है अश्रु बूंद की एक झलक से जो दहला दे मित्र वही है मित्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐ Published on Famous Motivational Tales To read more visit us .